➤ हिमाचल पंचायत चुनाव में 2 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए
➤ नामांकन वापसी के बाद सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित
➤ कई पंचायतों में प्रधान और वार्ड सदस्य निर्विरोध चुने गए
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर तस्वीर अब लगभग साफ हो गई है। राज्यभर में दो हजार से अधिक उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस ले लिए हैं। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होते ही सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही अब उम्मीदवार चुनाव प्रचार में पूरी तरह जुट गए हैं।
स्टेट इलेक्शन कमीशन के अनुसार प्रदेश की विभिन्न पंचायतों से नामांकन वापसी की रिपोर्ट लगातार पहुंच रही है और यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। कुछ जिलों से अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है। आयोग का कहना है कि देर शाम तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि कुल 85 हजार 462 उम्मीदवारों में से आखिर कितने प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं।
दोपहर तीन बजे नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद पंचायत स्तर पर चुनावी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई। अब यह तय हो चुका है कि किस पंचायत में प्रधान, उप प्रधान, वार्ड सदस्य, बीडीसी और जिला परिषद सदस्य के लिए कितने उम्मीदवार मैदान में हैं।
राज्य में इस बार बड़ी संख्या में पंचायतें निर्विरोध भी चुनी गई हैं। खासकर वार्ड सदस्य पद पर सबसे ज्यादा उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। कई पंचायतों में प्रधान, उप प्रधान और बीडीसी सदस्य भी बिना मुकाबले चुने गए हैं। देवरीघाट पंचायत से सुरेश वर्मा निर्विरोध प्रधान चुने गए हैं, जबकि बलग पंचायत से द्रोपता पांडे निर्विरोध प्रधान बनी हैं।
प्रदेश की 3 हजार 754 पंचायतों में इस बार कुल 85 हजार 462 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरे थे। अब नामांकन वापसी के बाद वास्तविक मुकाबला और रोचक हो गया है। जिन पंचायतों में सर्वसम्मति नहीं बन पाई, वहां तीन चरणों में मतदान कराया जाएगा। चुनाव आयोग के अनुसार 26, 28 और 30 मई को वोटिंग होगी।
प्रधान, उप प्रधान और वार्ड सदस्य पदों की मतगणना मतदान वाले दिन ही संबंधित पंचायत भवनों में की जाएगी और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। वहीं बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों की मतगणना 31 मई को ब्लॉक मुख्यालयों में होगी।
इस पंचायत चुनाव में प्रदेशभर में 3 हजार 754 प्रधान, 3 हजार 754 उप प्रधान, 21 हजार 654 वार्ड सदस्य, 1 हजार 769 बीडीसी सदस्य और 251 जिला परिषद सदस्य चुने जाएंगे।
सरकार ने मतदान वाले दिन संबंधित क्षेत्रों में पेड हॉलीडे घोषित किया है। सरकारी और निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को मतदान के दिन छुट्टी मिलेगी ताकि अधिक से अधिक लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।



